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#2331
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अब दादाजी कुछ न बोले और चाची ने एक हाथ से दादाजी का लंड और दुसरे हाथ से मेरा लंड पकड़ा और हमें घसीटते हुए अन्दर बेडरूम की और ले गयी.
अन्दर का नजारा बड़ा ही गर्म था... नेहा नीचे लेटी हुई थी और अजय चाचू उसकी चूत को चाटने में इतने मशगूल थे की उन्हें हमारे अन्दर आने का एहसास ही नहीं हुआ...और ऋतू नेहा के मुंह के ऊपर बैठी हुई उससे अपनी चूत चुसवा रही थी..पुरे कमरे में सिर्फ ऋतू की लम्बी सिस्कारियों की आवाज आ रही थी.. ऋतू ने हमें अन्दर आते हुए देख लिया और मुस्कुरा कर और तेजी से सिस्कारिया मारने लगी. "अह्ह्ह्हह्ह्ह्ह......नेहा......चूस साली.....मेरी चूत के रस को पीजा हरामजादी....साली रंडी कहीं की...अपने बाप से चूत चुसवा रही है....वैसे ही चूस जैसे तेरा बाप तेरी चूत चूस रहा है...अह्ह्ह्ह......पी जा.....अह्ह्ह....." अपनी दोनों पोतियों को अपने छोटे बेटे के साथ मजे लेता देखकर दादाजी को भी जोश आ गया, उन्होंने बहु को अपने बेटे के साथ ही बेड के ऊपर पटका ...और उसकी दोनों टाँगे हवा में उठाकर अपना बलखाता हुआ पाईप जैसा लंड उनकी चूत के ऊपर रखकर अन्दर पेल दिया.. अब चीखने की बारी चाची की थी...वो अभी -२ दादाजी के लंड से चुदकर आई थी...और उनकी चूत के अन्दर अभी भी दादाजी के रस के कुछ निशान थे...पर दादाजी के लंड का प्रहार इतना जोरदार था की वो मोटा लंड उनकी चूत की दीवारों से टकराकर उन्हें तकलीफ पहुंचाता हुआ फिर से अन्दर जाकर उनके गर्भ से जा टकराया और चाची के मुंह से इतनी भयानक चीख निकली मानो किसी ने उनकी चूत में पेट्रोल डालकर आग लगा दी हो... "आआआआआआह्ह ......पिताजी........मार डाला.....धीरे......धीरे करो....पिताजी.....मर जाउंगी मैं.....प्लीईईईएस्स... .पिताजी...." अपनी पत्नी की आवाज सुनकर अजय चाचू ने अपनी बेटी की चूत से मुंह निकला और साथ में चुद रही अपनी पत्नी को देखा...और उसके मुंह से पिताजी सुनकर उन्होंने पीछे की तरफ देखा...अपने बाप को सामने देखकर उनके चेहरे की रंगत ही बदल गयी...उनके खड़े हुए लंड का कदकपन एक ही पल में गायब हो गया..उनका सगा बाप, उनके ही सामने, अजय चाचू की पत्नी यानी आरती चाची को चोद रहा था.....ये क्या हो रहा है...पर वो कुछ कहने की हालत में नहीं थे...क्योंकि वो भी तो अपनी बेटी की चूत चाट रहे थे...और उनकी भतीजी भी नंगी होकर उनके साथ मजे ले रही थी... पर आरती चाची , अपनी दोनों छातियों को पकड़कर, अपने पति की आँखों में देखते हुए, और मुस्कुराते हुए, चीखने लगी.."अह्ह्हह्ह.....चोदो....पिताजी....अपने लम्बे लंड से आज अपनी बहु को चोदो.......अह्ह्ह्ह....क्या लंड है आपका....मजा आ गया....आपके दोनों बेटो का लंड भी काफी दमदार है....और आपके पोते का भी....म्मम्म.....क्या खाकर आपने इतने शानदार लंड पैदा करे पिताजी....आपके लंड से निकले हैं ये सब.....अह्ह्ह......ओघ्ह्ह्हह्ह....." अपनी पत्नी की बाते सुनकर चाचू के मुरझाये हुए लंड में फिर से तनाव आने लगा ..अपनी बेटी, भतीजी और भाभी की तो वो पहले ही मार चुके थे...सिर्फ दादाजी के आलावा पुरे खानदान में सभी एक दुसरे के साथ चुदाई कर चुके थे...और अब दादाजी को भी अपने खेल में शामिल पाकर अजय चाचू का डर निकलने लगा...और अपनी पत्नी को अपने ससुर की सेवा करते देखकर उनके लंड ने भी मचलना शुरू कर दिया...और उन्होंने सामने लेटी हुई अपनी प्यारी बेटी नेहा की टांगो को पकड़ा और अपने पिताजी के साथ ही कंधे से कन्धा मिलकर खड़े होकर उन्होंने भी नेहा की चूत के अन्दर अपना लंड पेल दिया.... नेहा के मुंह के ऊपर बैठी हुई ऋतू भी उतर कर चाची की बगल में लेट गयी और मैं भी लंड के बल उसकी चूत में डुबकी लगा गया.... अब बीच में दादाजी और उनके दोनों तरफ मैं और चाचू, नीचे लेटी हुई ऋतू, चाची और नेहा को बुरी तरह के चोद रहे थे... उन तीनो के हिलते हुए मुम्मे हर झटके से ऊपर नीचे होते ....और सभी के मुंह से मस्ती भरी सिस्कारियां निकल रही थी... चाची : "अह्ह्हह्ह्ह्ह .....मम्म ...पिताजी......मार डालोगे आप तो....अह्ह्ह्ह.....धीरे करो न.....अह्ह्हह्ह.......अन्दर हां....तक.....अह्ह्ह.....ऐसे ही.....म्मम्मम्म " ऋतू : "भैय्या......चोदो मुझे.......बड़ी देर से मेरी चूत को चाटकर नेहा ने उसमे आग लगा दी है....अह्ह्ह......चोदो अपने मुसल लंड से....अह्ह्ह.......भेन चोद ...डाल अपना मोटा लंड....मेरी चूत में.....अह्ह्ह.....येस्स्स्स येस्स्स्स....येस्स्स्स....मम्म " नेहा : "ओह्ह्हह्ह पापा.....म्मम्मम........मेरी चूत को चाटकर आपने जो आग लगायी है...उसे जल्दी बुझाओ....प्लीईस.... ..अभी दादाजी ने चोदा है मुझे.....उनका रस भी वही है मेरी चूत में......अपने लंड को और अन्दर डालकर उनके रस में भिगोकर चोदो मुझे.....और तेज चोदो......अह्ह्ह्ह.....अह्ह्ह्ह ...हां.....ऐसे ही......अह्ह्ह्ह....पापा....ओह पापा.....आई लोव यु पापा.....,,,," उन सबकी प्यार भरी बाते सुनकर हम तीनो के लंड से एक साथ रस की बारिश सी होने लगी..और सामने पड़ी हुई चूतों के अन्दर आने वाले सेलाब की वजह से पुरे पलंग के ऊपर गिपालन आ गया.... उसके बाद तीनो ने हमारे लंड को चूसकर और चाटकर साफ़ किया...और फिर रात भर और अगले दिन भी चुदाई का ऐसा दोर चला की ऋतू, चाची और नेहा की चूत के सारे स्प्रिंग ढीले करने के बाद ही हमने दम लिया... अगले दिन, शाम को हम सभी चाचू, चाची और नेहा से विदा लेकर गाँव की और चल दिए...गाँव का रास्ता 3 घंटे का था वहां से..हम लगभग रात के 11 बजे वहां पहुंचे. |
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#2332
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nice update
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kya mast chuda ki hai
wah ... jab chachi chudi dada se to maza aa gaya |
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kya shandar chudai update tha maja aa gaya , keep it up
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jabardast
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Bahut khub ashok bhai, ab aaya asli maza. aaj ka update complete hone se pura maza mila. Please do write like this.....
keep it up. ![]() |
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dadaji ke land ne jhande gaar diye !!!! ab gaon me ??
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सोरी, इतने दिन एब्सेंट रहने के लिए.... वापस आ गयी हूँ... अपनी नन्ही मुन्नी चूत का दद्दू के लंड से अभिषेक करवाने...
मगर पहले अशोक, मेरी जान मुझे अपने लंड से चोद कर थोडा और गरम कर दो... |
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#2339
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Quote:
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#2340
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Quote:
enjoy ![]() |